रविवार, 17 सितंबर 2017

कल्पना चावला अंतरीक्ष जाने की तैयारी में

कल्पना चावला - जीवनी



कल्पना चावला का जन्म 1 जुलाई 1961 को करनाल, हरियाणा में हुआ था। पिता बनारसी दास करनाल में व्यापार करते है और माता संजोगता गृहिणी है। करनाल से अपनी स्कूली शिक्षा पूर्ण करने के उपरांत कल्पना ने चंडीगढ़ स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रवेश लेकर एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग का अध्ययन किया। परिवार रूढ़िवादी होने के कारण माता-पिता इंजिनियर बनने के पश्चात आगे उच्च अध्ययन के लिए अमेरिका भेजने को राजी नहीं हुए और तब अपने रूढ़िवादी परिवार की इच्छा के विरुद्ध कल्पना अमेरिका साहस करके चली गई। अमेरिका में अध्ययन करते हुए 1984 में टेक्सास यूनिवर्सिटी से एअरोस्पेस इंजीनियरिंग में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त की। इसी वर्ष उन्होंने अमेरिकी उड़ान प्रशिक्षक जियां पिअरे हैरिसन के साथ विवाह कर लिया। 1988 में कोलोरेडो यूनिवर्सिटी से पीएचडी की डिग्री प्राप्त की। 

कोलंबिया स्पेस शटल में उड़ान के लिए कल्पना ने अपना आवेदन पात्र नासा भेजा। दिसंबर 1994 में नासा ने उन्हें बुलाया। उनका चुनाव 2962 आवेदनकर्ताओं में से हुआ। कोलंबिया की यह तेईसवीं उड़ान थी। इस यान-चालक दल में कल्पना अकेली महिला थी। उनके आलावा चार अमेरिकी, एक जापानी और एक यूक्रेनी यात्री थे। 19 नवंबर 1997 के दिन कल्पना ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए स्पेस शटल कोलंबिया से उड़ान भरी। इसके बाद वे 2003 में कोलंबिया यान से ही दूसरी बार अंतरिक्ष मिशन पर गई। लेकिन 1 फरवरी 2003 को वापसी में उनका यान क्रेश हो गया और उसमे सवार सभी यात्रियों की मौत हो गई। यह हादसा हीट शील्ड की टाइल्स उखड़ने के कारण हुआ था। 

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ओलंपिक खेलों से जुड़ी कुछ रोचक जानकारियां



ओलम्पिक खेल

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ओलम्पिक खेल
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संगठन
Games
ओलम्पिक खेल वर्तमान की प्रतियोगिताओं में अग्रणी खेल प्रतियोगिता है जिसमे हज़ारों एथेलीट कई प्रकार के खेलों में भाग लेते हैं। ओलम्पिक की शीतकालीन एवं ग्रीष्मकालीन प्रतियोगिताओं में २०० से ज्यादा देश प्रतिभागी के रूप में शामिल होते हैं। ओलम्पिक खेल प्रत्येक चार वर्ष के अंतराल से आयोजित किये जाते हैं। ओलम्पिक खेलों का आयोजन अन्तर्राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति करती है।

इतिहास

ओलम्पिक खेलों (1896-2016) का इतिहास बहुत पुराना है। प्राचीन ओलम्पिक खेलों का आयोजन 1200 साल पूर्व योद्धा-खिलाड़ियों के बीच हुआ था।पुराने समय में शांतिपूर्ण समय अंतराल के दौरान योद्धाओं के बीच प्रतिस्पर्धा के साथ खेलों का विकास हुआ। शुरुआती दौर में दौड़, मुक्केबाजी, कुश्ती और रथों की दौड़ सैनिक प्रशिक्षण का हिस्सा हुआ करते थे। इनमें से सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले योद्धा प्रतिस्पर्धी खेलों में अपना दमखम दिखाते थे।
ओलम्पिक 2016 ब्राजील के शहर रिओ डी जेनेरियो में 5 अगस्त से 21 तक चला !
प्राचीन काल में यह ग्रीस यानी यूनान की राजधानी एथेंस में 1896 में आयोजित किया गया था। ओलंपिया पर्वत पर खेले जाने के कारण इसका नाम ओलम्पिक पड़ा।[ओलम्पिक में राज्यों और शहरों के खिलाड़ी भाग लेते थे। इसकी लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि ओलम्पिक खेलों के दौरान शहरों और राज्यों के बीच लड़ाई तक स्थगित कर दिए जाते थे। इस खेलों में लड़ाई और घुड़सवारी काफी लोकप्रिय खेल थे। लेकिन उसके बाद भी सालों तक ओलम्पिक आंदोलन का स्वरूप नहीं ले पाया। तमाम सुविधाओं की कमी, आयोजन की मेजबानी की समस्या और खिलाड़ियों की कम भागीदारी-इन सभी समस्याओं के बावजूद धीरे-धीरे ओलम्पिक अपने मक़सद में क़ामयाब होता गया। प्राचीन ओलम्पिक की शुरुआत 776 बीसी में हुई मानी जाती है।
प्राचीन ओलम्पिक में बाक्सिंग, कुश्ती, घुड़सवारी के खेल खेले जाते थे। खेल के विजेता को कविता और मूर्तियों के जरिए प्रशंसित किया जाता था। हर चार साल पर होने वाले ओलम्पिक खेल के वर्ष को ओलंपियाड के नाम से भी जाना जाता था। ओलम्पिक खेल अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाली बहु-खेल प्रतियोगिता है। इन खेलोमे भारत गोल्ड मेड्ल प्राप्त कर चूका है। एक अन्य दंतकथा के अनुसार हरक्यूलिस ने ज्यूस के सम्मान में ओलम्पिक स्टेडियम बनवाया गया। छठवीं और पांचवीं शताब्दी में ओलम्पिक खेलों की लोकप्रियता चरम पर पहुंच गई थी। लेकिन बाद में रोमन साम्राज्य की बढ़ती शक्ति से ग्रीस खासा प्रभावित हुआ और धीरे-धीरे ओलम्पिक खेलों का महत्व गिरने लगा।
393 ईस्वी के आसपास ओलम्पिक खेल ग्रीस यानी यूनान में बंद हो गया।[2] 1896 के बाद वर्ष 1900 में पेरिस को ओलम्पिक की मेजबानी का इंतज़ार नहीं करना पड़ा और संस्करण लोकप्रिय नहीं हो सके क्योंकि इस दौरान भव्य आयोजनों की कमी रही। 2008 में चीन की राजधानी बीजिंग ओलम्पिक में अब तक का सबसे अच्छा आयोजन माना गया है। पंद्रह दिन तक चले ओलम्पिक खेलों के दौरान चीन ने ना सिर्फ़ अपनी शानदार मेज़बानी से लोगों का दिल जीता बल्कि सबसे ज़्यादा स्वर्ण पदक जीत कर भी इतिहास रचा। भारत ने भी ओलम्पिक के इतिहास में पहली बार १९२८ में स्वर्ण पदक जीता और उसे पहली बार एक साथ तीन पदक भी मिले। विश्व के प्राचीनतम अंतरराष्ट्रीय खेल समारोह ओलम्पिक का आयोजन 2012 का लंदन ओलम्पिक खेल 27 जुलाई से 12 अगस्त के बीच हुआ था। इस बार के लंदन ओलम्पिक में 26 खेलों में 204 देशों के लगभग 10500 खिलाड़ीयों ने भाग लीया था। इस बार भारत ने ओलम्पिक में रजत, कांस्य पदक जीता था।

अपूर्ण वर्तमान काल -रहा है,रही है,रहे हैं